छत्तीसगढ़दुर्ग जिला

CG : किसानों को मिली राहत, पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी मिलेगा यूरिया खाद …

दुर्ग । राज्य सरकार के फैसले से जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ 2026 के दौरान किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी क्षेत्र में यूरिया वितरण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूरिया की वर्तमान पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पूर्व में जारी कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। नए निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

उप संचालक कृषि संदीप भोई ने बताया कि किसानों को यह उर्वरक एकमुश्त अथवा संबंधित सहकारी समिति में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर चरणबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा। सहकारी समिति मे यूरिया की अल्प उपलब्धता की स्थिति में कृषक की पत्रातानुसार यदि यूरिया प्राप्त किया जाना शेष हो, तो शेष मात्रा समिति में यूरिया उपलब्ध होने पर प्राप्त की जा सकेगी।

जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर अभिजित सिंह के मार्गदर्शन में सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 22688 मीट्रिक टन यूरिया, 4376 मीट्रिक टन डीएपी, 11725 मीट्रिक टन एनपीके, 5901 मीट्रिक टन एमओपी तथा 11067 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 55757 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 11986 मीट्रिक टन यूरिया, 3431 मीट्रिक टन डीएपी, 5371 मीट्रिक टन एनपीके, 3612 मीट्रिक टन एमओपी तथा 7161 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 31561 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 10701 मीट्रिक टन यूरिया, 946 मीट्रिक टन डीएपी, 6354 मीट्रिक टन एनपीके, 2289 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3906 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 24196 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।

जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि फसलों के बेहतर उत्पादन एवं भूमि कि सेहत के लिए वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित संतुलित खाद का ही उपयोग करें। किसान भाई अपनी पात्रता के अनुसार निकटतम सहकारी समिति से संपर्क कर सुगमतापूर्वक यूरिया का उठाव कर सकते हैं।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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